भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे ने आज मुंबई में जनसभा कर आंदोलन के दूसरा चरण का बिगुल फूंक दिया। मुंबई के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में हजारों की तादाद में लोग अन्ना के समर्थन में जुटे हैं। अन्ना आज़ाद मैदान में शाम पांच बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा से पहले शाम चार बजे वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। जनसभा को संबोधित करने के बाद आज़ाद मैदान से अगस्त क्रांति मैदान तक मशाल रैली निकाली जाएगी। अगस्त क्रांति मैदान में हजारे भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए सब लोगों के साथ शपथ लेंगे।
इससे पहले सुबह 8.30 बजे दादर (पूर्व) में मौजूद स्वामीनारायण मंदिर से करीब 300 मोटर साइकिल सवारों ने रैली निकाली। रास्ते में मोटर साइकिल सवार एचआर, केसी कॉलेज और मुंबई विश्वविद्यालय के फोर्ट कैंपस के पास रुके और छात्रों से अन्ना के आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने छह दिन पहले ही मुंबई में कॉल सेंटर स्थापित कर दिया है। आईएसी का कहना है कि आंदोलन के बारे में जानने के लिए उनके पास अब तक हजारों कॉल आ चुकी हैं।
अन्ना ने 9 अगस्त का दिन इसीलिए चुना है, क्योंकि इसी दिन महात्मा गांधी ने अंग्रेजों, भारत छोड़ो का नारा दिया था और भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। आज से 15 अगस्त तक रोज गांव-गांव में प्रभात फेरियां निकाल कर जन लोकपाल के लिए मुहिम चलाने की अन्ना की योजना है। 16 अगस्त से उनका अनशन शुरू होगा।
अन्ना के आंदोलन की फैलती ‘तपिश’ से सरकार के पसीने छूट सकते हैं। खुफिया तंत्र ने केंद्र सरकार को खबरदार किया है कि इस आंदोलन के प्रभाव को हल्के में न लें। पूरे देश से ली गई रिपोर्टों के आधार पर केंद्र को नसीहत दी गई है कि जनलोकपाल के मुद्दे पर जिस तेजी से लोगों का ध्रुवीकरण हो रहा है, उससे समय पर निपटने की तार्किक तैयारी होनी चाहिए। बातचीत और बहस से भी मसले को सुलझाने की सलाह दी गई है।
केंद्र सरकार के सूत्रों ने दैनिक भास्कर को बताया कि रिपोर्ट में खास तौर पर आगाह किया गया है कि सरकार इस आंदोलन को बाबा रामदेव जैसा आंदोलन समझने की नासमझी न करे। सूत्रों ने बताया कि अन्ना हजारे के नेतृत्व में 16 अगस्त को प्रस्तावित सिविल सोसायटी के अनशन को लेकर खुफिया तंत्र ने सरकार को इस बात की खास ताकीद की है कि जन लोकपाल विधेयक के मामले में छोटी-बड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच गजब का समन्वय किया गया है। बताया गया है कि छोटी-छोटी टोलियों का अभियान 16 अगस्त को बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है। सूत्रों ने माना कि सरकार के अंदर और बाहर से अन्ना को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आईबी ने आंदोलन के खिलाफ कोई जोर-जबरदस्ती न करने का सुझाव भी दिया है।
बुराड़ी में अनशन के लिए टीम अन्ना तैयार नहीं
मजबूत लोकपाल के लिए गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके साथी बुराड़ी में अनशन के लिए तैयार नहीं हैं। सोमवार को टीम अन्ना ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता से मुलाकात कर रामलीला मैदान और जंतर-मंतर से तीन किलोमीटर की परिधि में कहीं भी अनशन करने की अनुमति देने का आग्रह किया और साथ ही बुराड़ी में अनशन न करने की बात कही। एमसीडी ने रामलीला मैदान में आंदोलन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दे दी है। जनलोकपाल बिल के लिए आंदोलन कर रहे गांधीवादी अन्ना हजारे के 16 अगस्त से अनशन पर बैठेंगे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वह सभी वैकल्पिक व संभावित स्थलों के संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर दो दिन के भीतर जवाब देंगे।
इससे पहले सुबह 8.30 बजे दादर (पूर्व) में मौजूद स्वामीनारायण मंदिर से करीब 300 मोटर साइकिल सवारों ने रैली निकाली। रास्ते में मोटर साइकिल सवार एचआर, केसी कॉलेज और मुंबई विश्वविद्यालय के फोर्ट कैंपस के पास रुके और छात्रों से अन्ना के आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने छह दिन पहले ही मुंबई में कॉल सेंटर स्थापित कर दिया है। आईएसी का कहना है कि आंदोलन के बारे में जानने के लिए उनके पास अब तक हजारों कॉल आ चुकी हैं।
अन्ना ने 9 अगस्त का दिन इसीलिए चुना है, क्योंकि इसी दिन महात्मा गांधी ने अंग्रेजों, भारत छोड़ो का नारा दिया था और भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। आज से 15 अगस्त तक रोज गांव-गांव में प्रभात फेरियां निकाल कर जन लोकपाल के लिए मुहिम चलाने की अन्ना की योजना है। 16 अगस्त से उनका अनशन शुरू होगा।
अन्ना के आंदोलन की फैलती ‘तपिश’ से सरकार के पसीने छूट सकते हैं। खुफिया तंत्र ने केंद्र सरकार को खबरदार किया है कि इस आंदोलन के प्रभाव को हल्के में न लें। पूरे देश से ली गई रिपोर्टों के आधार पर केंद्र को नसीहत दी गई है कि जनलोकपाल के मुद्दे पर जिस तेजी से लोगों का ध्रुवीकरण हो रहा है, उससे समय पर निपटने की तार्किक तैयारी होनी चाहिए। बातचीत और बहस से भी मसले को सुलझाने की सलाह दी गई है।
केंद्र सरकार के सूत्रों ने दैनिक भास्कर को बताया कि रिपोर्ट में खास तौर पर आगाह किया गया है कि सरकार इस आंदोलन को बाबा रामदेव जैसा आंदोलन समझने की नासमझी न करे। सूत्रों ने बताया कि अन्ना हजारे के नेतृत्व में 16 अगस्त को प्रस्तावित सिविल सोसायटी के अनशन को लेकर खुफिया तंत्र ने सरकार को इस बात की खास ताकीद की है कि जन लोकपाल विधेयक के मामले में छोटी-बड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच गजब का समन्वय किया गया है। बताया गया है कि छोटी-छोटी टोलियों का अभियान 16 अगस्त को बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है। सूत्रों ने माना कि सरकार के अंदर और बाहर से अन्ना को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आईबी ने आंदोलन के खिलाफ कोई जोर-जबरदस्ती न करने का सुझाव भी दिया है।
बुराड़ी में अनशन के लिए टीम अन्ना तैयार नहीं
मजबूत लोकपाल के लिए गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके साथी बुराड़ी में अनशन के लिए तैयार नहीं हैं। सोमवार को टीम अन्ना ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता से मुलाकात कर रामलीला मैदान और जंतर-मंतर से तीन किलोमीटर की परिधि में कहीं भी अनशन करने की अनुमति देने का आग्रह किया और साथ ही बुराड़ी में अनशन न करने की बात कही। एमसीडी ने रामलीला मैदान में आंदोलन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दे दी है। जनलोकपाल बिल के लिए आंदोलन कर रहे गांधीवादी अन्ना हजारे के 16 अगस्त से अनशन पर बैठेंगे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वह सभी वैकल्पिक व संभावित स्थलों के संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर दो दिन के भीतर जवाब देंगे।

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