गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में जैसे-जैसे एक-एक दिन जुड़ रहा है,वैसे-वैसे उनके समर्थन में आने वालों की तादाद भी बढ़ रही है। दिल्ली के रामलीला मैदान और इंडिया गेट पर रविवार को ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ा।
प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर गांधीवादी अन्ना हजारे का अनशन रविवार को छठे दिन में पहुंच गया।
रामलीला मैदान में रविवार को हजारों की संख्या में समर्थक जुटे। देश के कई हिस्सों से यहां पहुंचने वाले समर्थकों के हाथों में तिरंगे झण्डे,नारे लिखीं तख्तियां और सिर पर गांधी टोपी देखी गई। इंडिया गेट की रैली में भाग लेने के लिए भारी संख्या में बच्चे,युवा,महिलाएं, बुजुर्ग और विभिन्न पेशों से जुड़े लोग दोपहर बाद से ही रामलीला मैदान में पहुंचने लगे।
राजधानी दिल्ली में हर तरफ अन्ना हजारे के आंदोलन की गूंज चल रही है। दिल्ली की सड़कों पर गांधीवादी के समर्थक तिरंगा लहराते हुए लोगों को प्रेरित करते नजर आए। समर्थकों ने भजन-कीर्तन और देशभक्ति के गीतों से एक दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
स्वयंसेवी संगठन 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' के एक सदस्य ने बताया कि 74 वर्षीय अन्ना की हालत ठीक है। उन्होंने कहा,"शनिवार तक उनकी हालत ठीक थी और उम्मीद है कि अभी भी वह स्वस्थ होंगे।"
रामलीला मैदान में अनुमान के मुताबिक रविवार सुबह करीब हजारों समर्थक मौजूद थे जो अन्ना के समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे थे। आयोजकों की ओर से रविवार सुबह बिस्किट,ब्रेड पकौड़े,पेटिस और कई तरह की चीजें बांटी गईं। समर्थकों के बीच समाचार पत्र भी बांटे गए।
वहीं,मुम्बई वासी भारी बारिश के बावजूद प्रभावी लोकपाल के लिए छह दिनों से अनशन कर रहे अन्ना हजारे के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों का हुजूम बांद्रा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर जुहू की ओर चल पड़ा। इसमें शामिल लोगों ने 'अन्ना हजारे जिन्दाबाद','इंकलाब जिन्दाबाद' और 'वन्देमातरम' के नारे लगाए।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने बताया कि मुम्बई में हुए कुछ बड़े विरोध प्रदर्शनों में यह एक था और इसमें करीब एक लाख लोग शामिल हुए।
कुछ लोगों ने हालांकि इस संख्या को लेकर असहमति जताई लेकिन यह स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में स्थानीय निवासी महिला, पुरुष, व्यापारी, छात्र और गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।
आईएसी के संयोजक ने बताया कि 'टफ व्वॉयज' नामक दल के 40 मोटरसाइकिल सवार युवकों ने शहर में घूमकर लोगों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया था।
अन्ना के साथ मंगलवार से आजाद मैदान में अनशन कर रहे साठ लोगों के स्वास्थ्य पर स्थानीय अस्पताल के चिकित्सक नजर रखे हुए हैं। अन्ना के समर्थन में उनके गांव सहित महाराष्ट्र के अन्य भागों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
अन्ना हजारे के समर्थन में रविवार को मध्य प्रदेश में लोगों ने जगह-जगह धरने, प्रदर्शन के साथ रैलियां निकालीं।
देशभर में प्रभावी लोकपाल विधेयक के लिए विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखण्ड,पश्चिम बंगाल,कर्नाटक,राजस्थान,गुजरात और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी जगह-जगह लोग धरने पर बैठे और रैलियां निकालीं।
राजधानी भोपाल के महाराणा प्रताप इलाकेमें स्कूली बच्चों ने रैली निकाली। वहीं मैनिट चौराहे पर अन्ना हजारे के समर्थन में पिछले छह दिनों से अनशन का दौर जारी है। धरना स्थल पर रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर अन्ना हजारे का समर्थन किया।
इंदौर में सब्जी विक्रेता भी अन्ना हजारे के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं, उन्होंने रैली निकाली, तथा भ्रष्टाचार मिटाने के लिए संघर्ष के लिए अन्ना हजारे के समर्थन का ऐलान किया। सब्जी विक्रेताओं का कहना था कि हर तरफ बढ़ते भ्रष्टाचार से हर कोई परेशान है, इसके खात्मे के बगैर आम आदमी का जीवन मुश्किल हो चला है।
जबलपुर में तो लोग स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राकेश सिंह के कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों की मांग है कि उन्होंने सिंह को अपना जनप्रतिनिधि चुनकर संसद में भेजा है, लिहाजा वे लोकसभा में उनकी भावना के अनुरुप जनलोकपाल के लिए पैरवी करें।
मंदसौर में युवा संघर्ष समिति ने अन्ना हजारे के समर्थन में प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। पुलिस ने कुल 74 युवाओं को हिरासत में लिया तथा बाद में रिहा कर दिया। इसी तरह प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन का दौर जारी है।
उत्तर प्रदेश में अन्ना हजारे के समर्थन में जहां प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन,कैंडल मार्च और आमरण अनशन का दौर जारी हैं,वहीं इलाहाबाद में एक रेस्तरां ने लोगों को जोड़ने के लिए एक अनोखा तरीका ढूंढ़ निकाला है।
इलाहाबाद के जाने-माने तंदु रेस्तरां ने अन्ना हजारे के आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए उनके नाम से कम दाम की एक विशेष थाली 'सेवा-अन्ना आहार-आम आदमी को उपहार' शुरू की है।
गौरतलब है कि अन्ना को 16 अगस्त को उस समय हिरासत में ले लिया गया था, जब वह अनिश्तिकालीन अनशन के लिए जयप्रकाश नारायण पार्क जा रहे थे। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद वह शुक्रवार को रामलीला मैदान पहुंचे।
प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर गांधीवादी अन्ना हजारे का अनशन रविवार को छठे दिन में पहुंच गया।
रामलीला मैदान में रविवार को हजारों की संख्या में समर्थक जुटे। देश के कई हिस्सों से यहां पहुंचने वाले समर्थकों के हाथों में तिरंगे झण्डे,नारे लिखीं तख्तियां और सिर पर गांधी टोपी देखी गई। इंडिया गेट की रैली में भाग लेने के लिए भारी संख्या में बच्चे,युवा,महिलाएं, बुजुर्ग और विभिन्न पेशों से जुड़े लोग दोपहर बाद से ही रामलीला मैदान में पहुंचने लगे।
राजधानी दिल्ली में हर तरफ अन्ना हजारे के आंदोलन की गूंज चल रही है। दिल्ली की सड़कों पर गांधीवादी के समर्थक तिरंगा लहराते हुए लोगों को प्रेरित करते नजर आए। समर्थकों ने भजन-कीर्तन और देशभक्ति के गीतों से एक दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
स्वयंसेवी संगठन 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' के एक सदस्य ने बताया कि 74 वर्षीय अन्ना की हालत ठीक है। उन्होंने कहा,"शनिवार तक उनकी हालत ठीक थी और उम्मीद है कि अभी भी वह स्वस्थ होंगे।"
रामलीला मैदान में अनुमान के मुताबिक रविवार सुबह करीब हजारों समर्थक मौजूद थे जो अन्ना के समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे थे। आयोजकों की ओर से रविवार सुबह बिस्किट,ब्रेड पकौड़े,पेटिस और कई तरह की चीजें बांटी गईं। समर्थकों के बीच समाचार पत्र भी बांटे गए।
वहीं,मुम्बई वासी भारी बारिश के बावजूद प्रभावी लोकपाल के लिए छह दिनों से अनशन कर रहे अन्ना हजारे के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों का हुजूम बांद्रा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर जुहू की ओर चल पड़ा। इसमें शामिल लोगों ने 'अन्ना हजारे जिन्दाबाद','इंकलाब जिन्दाबाद' और 'वन्देमातरम' के नारे लगाए।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) ने बताया कि मुम्बई में हुए कुछ बड़े विरोध प्रदर्शनों में यह एक था और इसमें करीब एक लाख लोग शामिल हुए।
कुछ लोगों ने हालांकि इस संख्या को लेकर असहमति जताई लेकिन यह स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में स्थानीय निवासी महिला, पुरुष, व्यापारी, छात्र और गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।
आईएसी के संयोजक ने बताया कि 'टफ व्वॉयज' नामक दल के 40 मोटरसाइकिल सवार युवकों ने शहर में घूमकर लोगों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया था।
अन्ना के साथ मंगलवार से आजाद मैदान में अनशन कर रहे साठ लोगों के स्वास्थ्य पर स्थानीय अस्पताल के चिकित्सक नजर रखे हुए हैं। अन्ना के समर्थन में उनके गांव सहित महाराष्ट्र के अन्य भागों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
अन्ना हजारे के समर्थन में रविवार को मध्य प्रदेश में लोगों ने जगह-जगह धरने, प्रदर्शन के साथ रैलियां निकालीं।
देशभर में प्रभावी लोकपाल विधेयक के लिए विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखण्ड,पश्चिम बंगाल,कर्नाटक,राजस्थान,गुजरात और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी जगह-जगह लोग धरने पर बैठे और रैलियां निकालीं।
राजधानी भोपाल के महाराणा प्रताप इलाकेमें स्कूली बच्चों ने रैली निकाली। वहीं मैनिट चौराहे पर अन्ना हजारे के समर्थन में पिछले छह दिनों से अनशन का दौर जारी है। धरना स्थल पर रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर अन्ना हजारे का समर्थन किया।
इंदौर में सब्जी विक्रेता भी अन्ना हजारे के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं, उन्होंने रैली निकाली, तथा भ्रष्टाचार मिटाने के लिए संघर्ष के लिए अन्ना हजारे के समर्थन का ऐलान किया। सब्जी विक्रेताओं का कहना था कि हर तरफ बढ़ते भ्रष्टाचार से हर कोई परेशान है, इसके खात्मे के बगैर आम आदमी का जीवन मुश्किल हो चला है।
जबलपुर में तो लोग स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राकेश सिंह के कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों की मांग है कि उन्होंने सिंह को अपना जनप्रतिनिधि चुनकर संसद में भेजा है, लिहाजा वे लोकसभा में उनकी भावना के अनुरुप जनलोकपाल के लिए पैरवी करें।
मंदसौर में युवा संघर्ष समिति ने अन्ना हजारे के समर्थन में प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। पुलिस ने कुल 74 युवाओं को हिरासत में लिया तथा बाद में रिहा कर दिया। इसी तरह प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन का दौर जारी है।
उत्तर प्रदेश में अन्ना हजारे के समर्थन में जहां प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन,कैंडल मार्च और आमरण अनशन का दौर जारी हैं,वहीं इलाहाबाद में एक रेस्तरां ने लोगों को जोड़ने के लिए एक अनोखा तरीका ढूंढ़ निकाला है।
इलाहाबाद के जाने-माने तंदु रेस्तरां ने अन्ना हजारे के आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए उनके नाम से कम दाम की एक विशेष थाली 'सेवा-अन्ना आहार-आम आदमी को उपहार' शुरू की है।
गौरतलब है कि अन्ना को 16 अगस्त को उस समय हिरासत में ले लिया गया था, जब वह अनिश्तिकालीन अनशन के लिए जयप्रकाश नारायण पार्क जा रहे थे। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद वह शुक्रवार को रामलीला मैदान पहुंचे।

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