आठ दिन से अनशन कर रहे अन्ना हजारे की सेहत अब बड़ा मुद्दा बन रही है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत 'डेंजर जोन' में पहुंच गई है। वह अनशन नहीं तोड़ने पर अड़े हैं। पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने चिट्ठी लिख कर उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अन्ना मेरी गारंटी पर अनशन तोड़ दें, मैं समाधान का भरोसा दिलाता हूं। दूसरी ओर, खबर यह भी है कि गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को इशारा दिया है कि अगर अन्ना की तबीयत ज्यादा बिगड़े तो उन्हें अस्पताल ले जाया जाए। मंगलवार शाम डॉक्टरों ने अन्ना की जांच कर उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। पर अन्ना ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने मंच से ऐलान किया कि डॉक्टरों ने बताया कि उनकी किडनी में समस्या हो रही है। इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। पर मुझे यहां अपनी जनता के साथ रहना है। किडनी जाएगी तो इतनी जनता है, कोई भी एक किडनी दे देगी। अन्ना बोले- मेरी अंतरात्मा नहीं कहती कि मैं दवा लूं। एक तरफ मैं कहता हूं कि दिल दिया है, जान भी दूंगा। ऐसे में मैं कैसे दवा ले सकता हूं। उन्होंने अपने समर्थकों से यह भी कहा कि अगर सरकार उन्हें जबरन उठाने लगे तो सभी लोग गेट पर खड़े होकर उन्हें रोक लें।
मंगलवार सुबह से ही अन्ना की खराब सेहत को लेकर खबरें आती रहीं। लेकिन अन्ना ने कई बार मंच से बुलंद आवाज में नारे लगवा कर इन खबरों को झूठ साबित करने की कोशिश की। हालांकि उनकी चाल और चेहरे से साफ समझा सकता है कि अन्ना कमजोर हो चुके हैं। पर उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह ठीक है। लेकिन शाम को डॉ. त्रेहन और उनकी टीम ने आकर अन्ना की जांच की। जांच के लिए जाने से पहले भी अन्ना ने मंच पर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
मंगलवार सुबह जारी जानकारी के मुताबिक अन्ना का बीपी 124/82 और पल्स रेट 84/मिनट था। उनका वजन सोमवार (67 किलो) की तुलना में थोड़ा और कम (66.4 किलो) हो गया। शाम को भी यही स्थिति बनी रही। उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया ने बताया कि अन्ना कमजोरी महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनका हौसला बुलंद है।
आठ दिनों में अन्ना का वजन 5 किलो से भी ज्यादा घट गया है। लेकिन उनका कद बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर के मीडिया में वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके समर्थकों की तादाद भी लगातार बढ़ती जा रही है।
उधर, डॉक्टरों के मुताबिक अन्ना को जल्द ही अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। अन्ना की तबीयत बिगड़ने के संकेत सोमवार से ही मिलने लगे थे। उनके शरीर में कीटोन की मात्रा बढ़ी पाई गई। शरीर में कार्बोहाइड्रेट की कमी होने पर ऐसा होता है, पर इसका असर घातक होता है। इससे किडनी और हार्ट फेल होने का खतरा भी रहता है। डॉक्टरों ने अन्ना को कम बोलने की सलाह दी है। सोमवार को उन्होंने एक बार भी समर्थकों को संबोधित नहीं किया। ज्यादा समय तक वह मंच पर लेटे ही रहे। सोमवार की शाम अन्ना हजारे की सहयोगी किरण बेदी ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि उनकी किडनी में संक्रमण है। किरण बेदी ने रामलीला मैदान में जुटे अन्ना के समर्थकों से कहा, 'अन्ना का ब्लड प्रेशर एकदम सही है, लेकिन उनकी किडनी संक्रमित है।' लेकिन रात को अन्ना के एक अन्य सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने सफाई दी कि अन्ना की सेहत ठीक है और वह सोने चले गए हैं। उनकी किडनी में कोई समस्या नहीं है।
मंगलवार को अन्ना ने भी खुद को फिट दिखाने की भरपूर कोशिश की। वह मंच पर आए लोगों को संबोधित किया। साथ ही, जोर से भारत माता की जय के नारे भी लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक सप्ताह और अनशन कर सकते हैं।
मंगलवार सुबह से ही अन्ना की खराब सेहत को लेकर खबरें आती रहीं। लेकिन अन्ना ने कई बार मंच से बुलंद आवाज में नारे लगवा कर इन खबरों को झूठ साबित करने की कोशिश की। हालांकि उनकी चाल और चेहरे से साफ समझा सकता है कि अन्ना कमजोर हो चुके हैं। पर उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह ठीक है। लेकिन शाम को डॉ. त्रेहन और उनकी टीम ने आकर अन्ना की जांच की। जांच के लिए जाने से पहले भी अन्ना ने मंच पर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
मंगलवार सुबह जारी जानकारी के मुताबिक अन्ना का बीपी 124/82 और पल्स रेट 84/मिनट था। उनका वजन सोमवार (67 किलो) की तुलना में थोड़ा और कम (66.4 किलो) हो गया। शाम को भी यही स्थिति बनी रही। उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया ने बताया कि अन्ना कमजोरी महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनका हौसला बुलंद है।
आठ दिनों में अन्ना का वजन 5 किलो से भी ज्यादा घट गया है। लेकिन उनका कद बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर के मीडिया में वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके समर्थकों की तादाद भी लगातार बढ़ती जा रही है।
उधर, डॉक्टरों के मुताबिक अन्ना को जल्द ही अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। अन्ना की तबीयत बिगड़ने के संकेत सोमवार से ही मिलने लगे थे। उनके शरीर में कीटोन की मात्रा बढ़ी पाई गई। शरीर में कार्बोहाइड्रेट की कमी होने पर ऐसा होता है, पर इसका असर घातक होता है। इससे किडनी और हार्ट फेल होने का खतरा भी रहता है। डॉक्टरों ने अन्ना को कम बोलने की सलाह दी है। सोमवार को उन्होंने एक बार भी समर्थकों को संबोधित नहीं किया। ज्यादा समय तक वह मंच पर लेटे ही रहे। सोमवार की शाम अन्ना हजारे की सहयोगी किरण बेदी ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि उनकी किडनी में संक्रमण है। किरण बेदी ने रामलीला मैदान में जुटे अन्ना के समर्थकों से कहा, 'अन्ना का ब्लड प्रेशर एकदम सही है, लेकिन उनकी किडनी संक्रमित है।' लेकिन रात को अन्ना के एक अन्य सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने सफाई दी कि अन्ना की सेहत ठीक है और वह सोने चले गए हैं। उनकी किडनी में कोई समस्या नहीं है।
मंगलवार को अन्ना ने भी खुद को फिट दिखाने की भरपूर कोशिश की। वह मंच पर आए लोगों को संबोधित किया। साथ ही, जोर से भारत माता की जय के नारे भी लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक सप्ताह और अनशन कर सकते हैं।

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